Hindi Love Poem - Humsafar
यूँ तो भीड़ बहुत है इर्द गिर्द हमारे लेकिन
हमें सिर्फ़ आप अच्छे लगते हो।
बहुत फ़रेब भरा है इस दुनियाँ में
लेकिन हमें आप सच्चे लगते हो।
कई बार सिर्फ़ आपके एहसासों से
गर्मी में शीतल मलय जैसा सुकून मिलता है।
आपकी वो मीठी मीठी बातें याद आती है हरपल
बस उन्हें याद करके ये दिल खिलता है।
यूँ तो बहुत कम ही हुई है मुलाक़ातें हमारी
लेकिन फिर भी साथ रहने वाले सखा लगते हो।
राही है हम बिना मंज़िल वाले पथ के
लेकिन आप हमसफ़र लगते हो।
देखने को तरसती आपको आँखें
जैसे चाँद ईद का रमजानो में।
ख़ुद खो जाए मिलकर आपसे
आए मज़ा खो जाने में।
बसंत ऋतु हो जीवन की,
मधुर काल के जैसी हो
लाखों में एक जिसे कहते
आप बिलकुल वैसी हो।

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