(सोमवार व्रत का क्या महत्व है)
सोमवार के दिन जो व्रत रखा जाता है वो भगवान शिव को समर्पित है।
भगवान शिव ज्ञान के लौकिक गुरु हैं और ब्रह्माण्ड की सभी बुराइयों के नाश करता हैं।
सोमवार के दिन यदि हम भगवान शिव की उपासना करते हैं तो वे प्रसन्न होकर हमें मनोवांछित वरदान देते हैं।
नए घर में प्रवेश करने एवम् विवाह संबंधी प्रबंध के लिए तथा खेल से सम्बंधित कामों के लिए इस दिन को सबसे उपयुक्त दिन माना जाता है।
सोमवार का व्रत या उपासना को सर्योदय से लेकर सर्यास्त होने तक किया जाता है।
भक्त इस दिन माता पार्वती एवम् भगवान शिव की पूजा करना पसंद करते हैं।
सावन के महीने में सोमवार व्रत रखना शुभ माना जाता है।
ऐसा माना जाता है कि इस व्रत को रखने से व्यक्ति की समस्त इच्छाएं पूर्ण होती हैं, एवम् सदबुद्धि की प्राप्ति होती है।
यह व्रत अविवाहित महिलाओं के लिए आदर्श पति प्राप्त करने के लिए बहुत प्रसिद्ध है।
इस व्रत से जुड़ी कई कहानियां प्रसिद्ध हैं,
उनमे से पहली कहानी है कि एक गरीब ब्राह्मण ने सोमवार व्रत रखा और उसे असीम धन की प्राप्ति हुयी।
दूसरी कहानी एक धनवान साहूकार के विषय में है... जब उन्हें लंबे समय तक पुत्र प्राप्ति नही हुयी थी, तब इसी व्रत के प्रभाव से उन्हें पुत्र की प्राप्ति हुयी। इसमें ये भी कहा जाता है कि भगवान शिव एवम् माता पार्वती की कृपा से मृत्यु को प्राप्त पुत्र को पुनः जीवनदान मिला था।
इस प्रकार सोमवार व्रत रखने से भगवान शिव की कृपा हम सब पर बनी रहती है।

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