( एहसास )
तू कोई हवा का झोंका हैया मेरे ख्वाबो का झरोखा,बंद निगाहों में पास होता हैखुली निगाहों में न जाने कहाँ होता,महसूस करके तुझको जीती हूँहर लम्हा तेरे ही सपने संजोती,साथ तेरे न होने के आंसू पीती हूँहर एहसास में तेरे इंतजार जो पिरोती,ए काश तू आ जाये कहीं सेबनके मेरा नसीब यूँमिट जायें सदियों के फासलेजब तू हो करीब यूँ.
( एहसास )
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