आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसी कहानी जो कहीं न कहीं आपकी ज़िन्दगी से इफ़ेक्ट जरूर करेगी, इस कहानी के अंत में इसका जो मैसेज है वो जब आपको फील होगा, तब आपकी समझ का लेवल बढ़ जायेगा, आपकी ज़िन्दगी की जो प्रॉब्लम्स हैं, जो अभी तो आपको प्रॉब्लम्स लग रही है, या कुछ ऐसा कि ये क्यों नही हो रहा है, वो क्यों नही हो रहा है, और मेरे ही साथ क्यों हो रहा है, वगैरह ये सब आपको नही लगेगा…
ये कहानी है, भगवान बुद्ध और एक बहुत ही गरीब लड़के की, जो लड़का इतना गरीब था कि वो हर रोज कही न कही से खाने के लिए कुछ इकट्ठा करता था, मगर हर रोज उसका खाना गायब हो जाता था, एक दिन उसे पता चला कि एक चूहा उसका खाना चुराता है, तो उसने उस चूहे को पकड़ कर उससे पूछा कि तुझे पता है कि इतना गरीब हूँ फिर भी तू मेरा ही खाना चुराता है, अगर तुझे चुराना ही है तो किसी अमीर आदमी का चुरा, क्योंकि उससे उसको कुछ फर्क नही पड़ेगा. तो चूहा बोला कि तेरी किस्मत में सिर्फ कुछ ही चीजें लिखी हैं और तुझे वही मिलेगा, चाहे तू कितनी ही कोशिश कर ले, भले ही तू कितना भी इकठ्ठा कर ले तू उसे अपने पास नही रख पायेगा. ये जानकर वो लड़का बहुत अचंभित होता है कि ऐसा कैसे हो सकता है, तो चूहे ने कहा कि अगर तुझे जानना है कि तेरी किस्मत में क्या लिखा है, तो तुझे भगवान बुद्ध के पास जाना पड़ेगा वही तुम्हे बता सकते हैं कि तेरी किस्मत में क्या है. इसलिए वो लड़का भगवान बुद्ध से मिलने के लिए निकल पड़ा. बहुत रात हो चुकी थी इसलिए रास्ते में उसने एक हवेली देखी और उसने घरवालों से एक रात वहां रुकने के लिए इजाजत मांगी, उसे इजाजत मिल गयी, हवेली वालो ने लड़के से पूछा कि वो इतनी रात को कहाँ जा रहा है, तो उसने कहा मैं भगवान बुद्ध के पास जा रहा हूँ अपनी किस्मत के बारे में पूछने के लिए, तो हवेली वालों ने कहा कि क्या तुम भगवान् बुद्ध से हमारा ये सवाल भी पूछोगे, हमारी एक सोलह साल की लड़की है जो बोल नही सकती तो क्या करें जिससे उसकी आवाज लौट आये, उस लड़के ने कहा कि मैं जरूर पूछूँगा आपका सवाल.और उस लड़के ने उनको धन्यवाद कहा और सुबह वो वहां से निकल पड़ा.
आगे रास्ते में बहुत बड़े-बड़े पहाड़ थे, वो बड़ी मुश्किल से इन पहाड़ पर चढ़ा उसे वहां एक जादूगर मिला, उसने लड़के से पूछा कि वो कहाँ जा रहा है, तो उसने कहा मैं बुद्ध के पास जा रहा हूँ अपनी किस्मत के बारे में पूछने के लिए, तो जादूगर ने कहा क्या तुम भगवान बुद्ध से मेरा ये सवाल पूछोगे कि मैं हजारों सालों से तपस्या कर रहा हूँ ताकि मैं स्वर्ग जा सकूँ, और मेरी जानकारी के हिसाब से अब तक तो मुझे स्वर्ग में चले जाना चाहिए था, तो मैं स्वर्ग में जाने के लिए ऐसा क्या करूँ, लड़के न कहा ठीक है, मैं आपका सवाल भगवान बुद्ध से जरूर पूछूँगा. उस जादूगर के पास एक छड़ी थी जिसकी मदद से उसने लड़के को बर्फ के पहाड़ों से उस पार पंहुचा दिया.
जब वह आगे बढ़ा तो उसके सामने एक विशाल नदी थी जो वो खुद पार नही कर सकता था, तभी उसकी मुलाकात एक विशालकाय कछुए से हुयी और कछुआ उसे नदी पार कराने के लिए तैयार हो गया, फिर कछुए ने भी उससे वही सवाल किया कि तुम कहाँ जा रहे हो, तो उसने कहा मैं बुद्ध के पास जा रहा हूँ अपनी किस्मत के बारे में जानने के लिए, तो कछुए ने कहा कि क्या तुम भगवान बुद्ध से मेरा ये सवाल भी पूछोगे, मैं पांच सौ सालों से ड्रैगर बनने की कोशिश कर रहा हूँ मगर अभी तक बन नही पाया, तो मैं क्या करूँ जिससे ड्रैगर बन जाऊँ, लड़के ने कहा ठीक है मैं आपका सवाल भी जरूर पूछूँगा. कछुए ने लड़के को अपनी पीठ पर बैठाकर नदी पार करा दिया.
अंत में लड़का भगवान बुद्ध के पास पहुँच गया, वहां और भी बहुत सारे लोग थे, बुद्ध ने कहा कि एक व्यक्ति के सिर्फ तीन सवालों के ही जवाब दूँगा, लड़का अचंभित हो गया क्योंकि उसे तो चार सवाल पूछने थे, वो सोचने लगा कि कौन से तीन सवाल पूछने चाहिए, उसने कछुए के बारे में सोचा कि कछुआ पांच सौ सालों से ड्रैगर बनने की कोशिश कर रहा है और जादूगर तो हजारों सालों से स्वर्ग में जाने की तपस्या कर रहा है और वो लड़की बिना बोले पूरी ज़िन्दगी कैसे गुजार सकती है, फिर उसने अपने बारे में सोचा कि मैं तो सिर्फ एक गरीब भिखारी हूँ, मैं तो भीख मांगकर अपनी ज़िन्दगी गुजार सकता हूँ पर कछुआ,जादूगर और लड़की की परेशानी तो मेरी परेशानी से ज्यादा बड़ी है इसलिए उसने उनके तीन सवाल बुद्ध से पूछे, बुद्ध ने जवाब दिया कि कछुआ पांच सौ सालों से ड्रैगर बनने की कोशिश कर रहा है पर वो अपने कवच को छोड़ने को तैयार नही है, जब तक वह अपने कवच को नही छोड़ेगा तब तक वह ड्रैगर नही बन सकता. और वह जादूगर हजारो सालों से उस छड़ी को अपने पास रखे हुए है, वह छड़ी उसे स्वर्ग में जाने से रोक रही है, अगर उसे स्वर्ग में जाना है तो उस छड़ी को छोड़ना होगा. और जब उस लड़की को उसका जीवनसाथी मिल जायेगा तो वो लड़की बोलना शुरू कर देगी. उस लड़के ने भगवान बुद्ध को धन्यवाद कहा और वहां से रवाना हो गया.
वो दोबारा कछुए के पास गया और बोला कि बुद्ध ने कहा है कि तुम ड्रैगर बनना चाहते हो तो तुम्हें कवच को छोड़ना होगा, जैसे ही कछुए ने कवच उतारा तो उसके अंदर कीमती मोती थे, कछुए ने कीमती मोती उस लड़के को दे दिए और वह ड्रैगर बन गया.
उसके बाद वो लड़का जादूगर के पास गया और उसे कहा कि अगर तुम्हें स्वर्ग जाना है तो तुम्हें छड़ी को छोड़ना होगा, उसने छड़ी लड़के को दे दी और वो स्वर्ग चला गया.
उसके बाद वो हवेली गैस तो वो लड़की सामने आई और बोली, उस रात को हमारी हवेली में तुम ही आये थे न ।
तो इस तरह उस लड़के को धन, शक्ति और एक खूबसूरत जीवनसाथी मिल गयी. ज़िन्दगी में कुछ पाने के लिए हमे कुछ देना पड़ता है, जब जादूगर ने छड़ी लड़के को दे दी तब वह स्वर्ग जा पाया, वैसे ही ज़िन्दगी में बहुत कुछ बड़ा करने के लिए अपने कंफर्टजोंन से बाहर आना होता है.
पानी का जहाज सबसे ज्यादा सुरक्षित किनारे पर ही होता है, पर जहाज किनारे के लिए नही बना है, वो बीच समन्दर में लहरों को चीरते हुए आगे बढ़ने के लिए बना है, इसलिए आपको ज़िन्दगी में कुछ बड़ा करना हो तो आपको रिस्क लेनी ही पड़ेगी. कछुए को ड्रैगर बनने के लिए अपने सुरक्षा कवच को छोड़ना पड़ा.
और अगर आपको ऐसा लगता है कि आपकी ज़िंदगी की परेशानी बहुत ज्यादा बड़ी है तो जरा एक नजर डालिये उन लोगों पर जिनके पास रहने को घर नही, खाने को रोटी नही, कोई देख नही सकता, कोई चल नही सकता, कोई सुन नही सकता, कोई बोल नही सकता, क्या आपकी परेशानी उनकी परेशानी से बड़ी है. क्या आप जानते हैं कि हम खुद परेशानी में होते हुए भी दूसरों की परेशानी को सॉल्व करते हैं तो इसका रिजल्ट से होता है कि हमारी परेशानी अपने आप सॉल्व हो जाती हैं.
ये कहानी है, भगवान बुद्ध और एक बहुत ही गरीब लड़के की, जो लड़का इतना गरीब था कि वो हर रोज कही न कही से खाने के लिए कुछ इकट्ठा करता था, मगर हर रोज उसका खाना गायब हो जाता था, एक दिन उसे पता चला कि एक चूहा उसका खाना चुराता है, तो उसने उस चूहे को पकड़ कर उससे पूछा कि तुझे पता है कि इतना गरीब हूँ फिर भी तू मेरा ही खाना चुराता है, अगर तुझे चुराना ही है तो किसी अमीर आदमी का चुरा, क्योंकि उससे उसको कुछ फर्क नही पड़ेगा. तो चूहा बोला कि तेरी किस्मत में सिर्फ कुछ ही चीजें लिखी हैं और तुझे वही मिलेगा, चाहे तू कितनी ही कोशिश कर ले, भले ही तू कितना भी इकठ्ठा कर ले तू उसे अपने पास नही रख पायेगा. ये जानकर वो लड़का बहुत अचंभित होता है कि ऐसा कैसे हो सकता है, तो चूहे ने कहा कि अगर तुझे जानना है कि तेरी किस्मत में क्या लिखा है, तो तुझे भगवान बुद्ध के पास जाना पड़ेगा वही तुम्हे बता सकते हैं कि तेरी किस्मत में क्या है. इसलिए वो लड़का भगवान बुद्ध से मिलने के लिए निकल पड़ा. बहुत रात हो चुकी थी इसलिए रास्ते में उसने एक हवेली देखी और उसने घरवालों से एक रात वहां रुकने के लिए इजाजत मांगी, उसे इजाजत मिल गयी, हवेली वालो ने लड़के से पूछा कि वो इतनी रात को कहाँ जा रहा है, तो उसने कहा मैं भगवान बुद्ध के पास जा रहा हूँ अपनी किस्मत के बारे में पूछने के लिए, तो हवेली वालों ने कहा कि क्या तुम भगवान् बुद्ध से हमारा ये सवाल भी पूछोगे, हमारी एक सोलह साल की लड़की है जो बोल नही सकती तो क्या करें जिससे उसकी आवाज लौट आये, उस लड़के ने कहा कि मैं जरूर पूछूँगा आपका सवाल.और उस लड़के ने उनको धन्यवाद कहा और सुबह वो वहां से निकल पड़ा.
आगे रास्ते में बहुत बड़े-बड़े पहाड़ थे, वो बड़ी मुश्किल से इन पहाड़ पर चढ़ा उसे वहां एक जादूगर मिला, उसने लड़के से पूछा कि वो कहाँ जा रहा है, तो उसने कहा मैं बुद्ध के पास जा रहा हूँ अपनी किस्मत के बारे में पूछने के लिए, तो जादूगर ने कहा क्या तुम भगवान बुद्ध से मेरा ये सवाल पूछोगे कि मैं हजारों सालों से तपस्या कर रहा हूँ ताकि मैं स्वर्ग जा सकूँ, और मेरी जानकारी के हिसाब से अब तक तो मुझे स्वर्ग में चले जाना चाहिए था, तो मैं स्वर्ग में जाने के लिए ऐसा क्या करूँ, लड़के न कहा ठीक है, मैं आपका सवाल भगवान बुद्ध से जरूर पूछूँगा. उस जादूगर के पास एक छड़ी थी जिसकी मदद से उसने लड़के को बर्फ के पहाड़ों से उस पार पंहुचा दिया.
जब वह आगे बढ़ा तो उसके सामने एक विशाल नदी थी जो वो खुद पार नही कर सकता था, तभी उसकी मुलाकात एक विशालकाय कछुए से हुयी और कछुआ उसे नदी पार कराने के लिए तैयार हो गया, फिर कछुए ने भी उससे वही सवाल किया कि तुम कहाँ जा रहे हो, तो उसने कहा मैं बुद्ध के पास जा रहा हूँ अपनी किस्मत के बारे में जानने के लिए, तो कछुए ने कहा कि क्या तुम भगवान बुद्ध से मेरा ये सवाल भी पूछोगे, मैं पांच सौ सालों से ड्रैगर बनने की कोशिश कर रहा हूँ मगर अभी तक बन नही पाया, तो मैं क्या करूँ जिससे ड्रैगर बन जाऊँ, लड़के ने कहा ठीक है मैं आपका सवाल भी जरूर पूछूँगा. कछुए ने लड़के को अपनी पीठ पर बैठाकर नदी पार करा दिया.
अंत में लड़का भगवान बुद्ध के पास पहुँच गया, वहां और भी बहुत सारे लोग थे, बुद्ध ने कहा कि एक व्यक्ति के सिर्फ तीन सवालों के ही जवाब दूँगा, लड़का अचंभित हो गया क्योंकि उसे तो चार सवाल पूछने थे, वो सोचने लगा कि कौन से तीन सवाल पूछने चाहिए, उसने कछुए के बारे में सोचा कि कछुआ पांच सौ सालों से ड्रैगर बनने की कोशिश कर रहा है और जादूगर तो हजारों सालों से स्वर्ग में जाने की तपस्या कर रहा है और वो लड़की बिना बोले पूरी ज़िन्दगी कैसे गुजार सकती है, फिर उसने अपने बारे में सोचा कि मैं तो सिर्फ एक गरीब भिखारी हूँ, मैं तो भीख मांगकर अपनी ज़िन्दगी गुजार सकता हूँ पर कछुआ,जादूगर और लड़की की परेशानी तो मेरी परेशानी से ज्यादा बड़ी है इसलिए उसने उनके तीन सवाल बुद्ध से पूछे, बुद्ध ने जवाब दिया कि कछुआ पांच सौ सालों से ड्रैगर बनने की कोशिश कर रहा है पर वो अपने कवच को छोड़ने को तैयार नही है, जब तक वह अपने कवच को नही छोड़ेगा तब तक वह ड्रैगर नही बन सकता. और वह जादूगर हजारो सालों से उस छड़ी को अपने पास रखे हुए है, वह छड़ी उसे स्वर्ग में जाने से रोक रही है, अगर उसे स्वर्ग में जाना है तो उस छड़ी को छोड़ना होगा. और जब उस लड़की को उसका जीवनसाथी मिल जायेगा तो वो लड़की बोलना शुरू कर देगी. उस लड़के ने भगवान बुद्ध को धन्यवाद कहा और वहां से रवाना हो गया.
वो दोबारा कछुए के पास गया और बोला कि बुद्ध ने कहा है कि तुम ड्रैगर बनना चाहते हो तो तुम्हें कवच को छोड़ना होगा, जैसे ही कछुए ने कवच उतारा तो उसके अंदर कीमती मोती थे, कछुए ने कीमती मोती उस लड़के को दे दिए और वह ड्रैगर बन गया.
उसके बाद वो लड़का जादूगर के पास गया और उसे कहा कि अगर तुम्हें स्वर्ग जाना है तो तुम्हें छड़ी को छोड़ना होगा, उसने छड़ी लड़के को दे दी और वो स्वर्ग चला गया.
उसके बाद वो हवेली गैस तो वो लड़की सामने आई और बोली, उस रात को हमारी हवेली में तुम ही आये थे न ।
तो इस तरह उस लड़के को धन, शक्ति और एक खूबसूरत जीवनसाथी मिल गयी. ज़िन्दगी में कुछ पाने के लिए हमे कुछ देना पड़ता है, जब जादूगर ने छड़ी लड़के को दे दी तब वह स्वर्ग जा पाया, वैसे ही ज़िन्दगी में बहुत कुछ बड़ा करने के लिए अपने कंफर्टजोंन से बाहर आना होता है.
पानी का जहाज सबसे ज्यादा सुरक्षित किनारे पर ही होता है, पर जहाज किनारे के लिए नही बना है, वो बीच समन्दर में लहरों को चीरते हुए आगे बढ़ने के लिए बना है, इसलिए आपको ज़िन्दगी में कुछ बड़ा करना हो तो आपको रिस्क लेनी ही पड़ेगी. कछुए को ड्रैगर बनने के लिए अपने सुरक्षा कवच को छोड़ना पड़ा.
और अगर आपको ऐसा लगता है कि आपकी ज़िंदगी की परेशानी बहुत ज्यादा बड़ी है तो जरा एक नजर डालिये उन लोगों पर जिनके पास रहने को घर नही, खाने को रोटी नही, कोई देख नही सकता, कोई चल नही सकता, कोई सुन नही सकता, कोई बोल नही सकता, क्या आपकी परेशानी उनकी परेशानी से बड़ी है. क्या आप जानते हैं कि हम खुद परेशानी में होते हुए भी दूसरों की परेशानी को सॉल्व करते हैं तो इसका रिजल्ट से होता है कि हमारी परेशानी अपने आप सॉल्व हो जाती हैं.

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