तेरा एहसास - Best Hindi Love Poetry By Sonam Satya

( तेरा एहसास )



क्यों तेरा मिलना एक अधूरा सपना सा लगे है
फिर भी तेरा एहसास मुझे अपना सा लगे है,

तू मेरे साथ कहीँ नहीँ है
फिर भी तेरा साया मेरे साथ हर लम्हा लगे है,

जिसमे तेरा ख्याल नही
वो ख्वाब भी मुझे तन्हा सा लगे है,

अनजाना है तेरा हर अक्श मुझसे
फिर भी मुझे तुझसे दिल का एक रिश्ता सा लगे है,

जुड़ न सके जो कभी मुझसे
तू मेरे जीवन का ऐसा हिस्सा लगे है,

कोई याद नहीँ है तेरी मेरे जीवन में
फिर भी मेरे हर पल में
तेरे ही ख्यालों का बसेरा लगे है,

अनकही-अनसुनी बातों में मेरी
नाम सिर्फ तेरा ही लगे है,

क्यों तेरे एहसासों की गहराई में जीना ही
अब इस ज़िन्दगी का फैसला लगे है,

फिर भी तुझसे मेरा जमीं-ओ-आसमां सा फासला लगे है.

Comments