शुक्राणुओं की संख्या को स्वाभाविक रूप से बढ़ाने के तरीके

कई दशकों से, शोधकर्ताओं ने ज्ञात किया है कि अधिकतर पश्चिमी देशों में शुक्राणु की गुणवत्ता और प्रजनन दर में गिरावट आई है। सन 2017 के एक अध्ययन के अनुसार, 1 9 73 और 2011 के बीच उत्तर अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में औसत शुक्राणुओं की संख्या में 59.3 प्रतिशत की कमी आई ।
हजारों वर्षों से शुक्राणुओं की संख्या को बढ़ाने के लिए पारंपरिक दवाइयों द्वारा और कई गैर-फार्माकोलोगिकल उपचार का इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन आप जानते होंगे की इन दवाइयों के कई साइड इफ़ेक्ट भी होते है ,अब हम आपको बताते है की किस तरह आप शुक्राणुओं की संख्या को प्राकतिक रूप से बढ़ा सकते है |
1. व्यायाम
यदि हम रोजाना सुबह- शाम को व्यायाम करते है तो हमारा शरीर स्वस्थ और तंदरुस्त होता है जिससे हमारी यौन शक्ति भी बढती है हम ज्यादा उर्जावान महसूस करते है और रोजाना व्यायाम करने से हमारे शुक्राणु की संख्या भी बढती है |
2017 के एक अध्ययन में यह पाया गया कि कम से कम 50 मिनट तक जो व्यक्ति एरोबिक व्यायाम कार्यक्रम को १६ सप्ताह तक करता है तो पुरुषों में शुक्राणु की मात्रा और एकाग्रता में वृद्धि हो सकती है ।
2. तनाव कम करें-
यदि हम हर समय चिंता और तनाव में रहते है तो हमारा शरीर और मन कमजोर हो जाता है | जिससे कारण हमारी यौन शक्ति भी दुर्बल हो जाती है और हम अपने आप को कमजोर महसूस करते है | हमे ऐसा लगता है की हमारी शुक्राणु की संख्या कम हो गई है यह सब तनाव के कारण होता है इसीलिए हमे तनाव को दूर करने के लिए रोजाना व्यायाम और पौष्टिक भोजन करने चाहिए |
नींद तनाव को कम करने में बहुत मददगार हो सकती है अगर हम रोजाना आठ घंटे गहरी निद्रा लेते है तो हमारा तनाव कम हो जाता है |
3. धूम्रपान बंद करो
2016 के एक अध्ययन के अनुसार यह ज्ञात हुआ की जो व्यक्ति धूम्रपान करता है तो उसके शुक्राणुओं की संख्या कम हो जाती है। जिससे कारण व्यक्ति यौन शक्ति को खो सकता है | अगर आप चाहते है की आपके शुक्राणुओ की मात्रा बढ़े तो आज ही से आप धूम्रपान करना छोड़ दे |
4. अत्यधिक शराब का इस्तेमाल और दवाओं से बचें
शोधकर्ताओं ने यह ज्ञात किया की जो व्यक्ति शराब और कोकीन जैसे विश्वव्यापी दवाओं का इस्तेमाल करता है तो उसके शुक्राणुओं की संख्या धीरे धीरे कम हो जाती है।
कुछ लोग ऐसे भी होते है जो अपनी दवाइयों की बिक्री बढ़ाने के लिए ऐसे विज्ञापन देते है जिससे लोग उनसे दवाई लेने के लिए आकर्षित हो जाते है | आप जानते है की इन दवाईया से साइड इफ़ेक्ट भी पड़ता है | ऐसी दवाई जो अस्थायी रूप से शुक्राणुओं के उत्पादन और विकास को कम करते हैं
- कुछ एंटीबायोटिक्स
- विरोधी एण्ड्रोजन
- विरोधी inflammatories
- मनोविकार नाशक
- कोर्टिकोस्टेरोइड
- एनाबॉलिक स्टेरॉयड (1 वर्ष तक रिकवरी समय)
- बहिर्जात (बाहर) टेस्टोस्टेरोन
- मेथाडोन
5. अश्वगंधा
सन 2016 के एक अध्ययन में यह पाया गया कि जिन व्यक्ति के शुक्राणुओं की संख्या कम है उन्हें अश्वगंधा का सेवन करने को कहा गया - 46 पुरुषों ने 9 0 दिनों के लिए रोजाना 675 मिलीग्राम अस्थगंध का सेवन किया, जिससे उन व्यक्तियो की शुक्राणुओं की संख्या में 167 प्रतिशत वृद्धि देखी गई ।
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