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विश्व के सर्वश्रेष्ठ विचारों का संग्रह
21 Motivational Golden quotes in Hindi- विश्व के सर्वश्रेष्ठ विचारों का संग्रह
दुनिया के महान लोगो के विचार यहाँ हम आपके लिए प्रस्तुत कर रहे है जिससे आपको इन विचारो से प्रेरणा मिल सके -
1 .किसी काम को करने के बारे में बहुत देर तक सोचते रहना ,
अक्सर उसके बिगड़ जाने का कारण बनता है - ईवा यंग
2. बड़ी ख़ुशी की आस में कई लोग ,छोटी खुशियों को खो देते है - पर्ल बक
3. शब्द और कुछ नहीं हमारे विचारों की छवियाँ है -- जॉन ड्राइडेन
4.छोटी छोटी बातो का आनंद उठाइए , क्योंकि हो सकता है की किसी
दिन आप मुड़कर देखे तो आपको अनुभव हो की यह तो बड़ी बाते थी --डग लारसन
5.हम जो है वही बने रहकर ,वह नहीं बन सकते जो की हम बनना चाहते है -- मेक्स डेप्री
6.जिस किसी को पर्याप्त भी कम लगता है
उसके लिए कितनी भी उपलब्धता अपर्याप्त है --एपिक्युरस
7.कोई भी महान व्यक्ति अवसरों की कमी की शिकायत नहीं करता - राल्फ़ वाल्डो इमर्सन
8. जब आप किसी अन्य व्यक्ति को धोखा देते है ,
तब आप अपने आपको भी धोखा देते है -- जेएम बेरी
9. जीवन का लक्ष्य है – आत्मविकास |
अपने स्वभाव को पूर्णत:जानने के लिए ही हम इस दुनिया में है -- आस्कर वाइल्ड
10.अपने देश से बढकर दूसरा कोई नजदीकी सम्बन्ध नहीं -- प्लेटो
11. परमात्मा की शक्ति के सिवा कोई दूसरी पावन वस्तु नहीं
जो ह्रदयो को धो सकती है और सबको एक बना सकती है – विनोबा
12. जिसे हम प्यार करते है उसी के अनुसार हमारा
रूप रंग और आकर निर्मित होता है -- गेटे
13. प्रजा का असंतोष राजनीति का अभिशाप है –डा. राजकुमार वर्मा
14. वेदांत की शिक्षा ग्रहण करने पर मनुष्य
शोक ,भय और चिंता से विमुक्त हो जाता है - स्वामी रामतीर्थ
15. मनुष्य क्रोध को प्रेम से , पाप को सदाचार से ,
लोभ को दान से , और
मिथ्या – भाषण को सत्य से जीत सकता है – गौतम बुद्ध
16. एक परमाणु के पीछे समस्त ब्रह्माण्ड की शक्ति है – स्वामी विवेकानंद
17. मैं दुनिया की सभी भाषाओ की इज्जत करता हूँ , परन्तु
मेरे देश में हिंदी की इज्जत न हो , यह मैं बर्दाश्त नहीं कर सकता - आचार्य विनोबा भावे
18. राष्ट्र भाषा के बिना राष्ट्र गूंगा है – महात्मा गाँधी
19. सम्पूर्ण विश्व में उपनिषदों के समान जीवन को ऊँचा उठाने वाला कोई दूसरा अध्ययन का विषय नहीं | इनसे मेरे जीवन को शांति मिली है , इन्हिसे मुझे मुत्यु में भी शांति मिलेगी –- शोपेनहार
20 . मनुष्य में जो सम्पूर्णता गुप्त रूप में विधमान है ,
उसे प्रत्यक्ष करना ही शिक्षा का कार्य है – स्वामी विवेकानंद
21 . शिक्षा वह है जो सभी बन्धनों और भेदभाव से मुक्ति दिलाए – दिनेश
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