अंतरजातीय विवाह क्यों नहीं ? विवाह पर पुनर्विचार


 अंतरजातीय विवाह पर - एक भावुक अपील




मैं जिस बात का जिक्र कर हूँ , मानवीय दृतिकोण से बहुत ही आवश्यक है , अगर आपको लगे की यह हमारा जाति मामला है तो मुझे क्षमा करे |

मेरा विषय है अंतरजातीय विवाह ,कोई इन्सान अगर अपनी पसंद से शादी कर ले तो कौनसा उसने गुनाह किया , जो समाज के लिए बड़ा अपराध बन जाता है | प्राचीन समय से लेकर आधुनिक काल तक दृष्टान्तो से इतिहास भरा पड़ा हुआ है उदाहरण – अकबर ने जोधाबाई से शादी की लेकिन इतिहास गवाह है की जोधा के पिता भारमल का मुगलों के साथ अच्छे संबध थे |

जिस दुष्यंत से प्रेम विवाह किया था वो भी एक ब्राहमण की पुत्री शाकुन्तला के साथ और राजा दुष्यंत थे एक क्षत्रिय और उसका एक पुत्र था भरत जिसके नाम से हमारे देश का नाम भारत पड़ा ,यह सब तो उच्चकोटि वर्ग के विवाह के उदाहरण है मगर यह सब अंतरजातीय विवाह है |

मेरा सवाल यह है की अगर आपकी बहिन ने किसी दूसरी जाति के लडके के साथ विवाह करती है तो आपका समाज इसे गुनाह क्यों मानती है , मानवता की दृष्टी से यह कोई गुनाह नहीं है , जो समाज इसे गुनाह मानता है ,वो  सबसे ज्यादा मुर्ख और समसे ज्यादा दलाल का समुह है|

आप जिस समाज की आड़ में उसे ऐसे गुनाह की सजा दे रहे है उसे नहीं समाज शास्त्र मानता है और नहीं समाजशास्त्री , केवल वो लोग मानते जो विचारो से गरीब ,संकीर्ण मानसिकता और रुढिवादी जिसे वास्तविक मानवता की सर्वोच सता का कोई अर्थ ही मालुम नहीं है |

व्यक्ति समाज से पहले मानवीय मूल्य है|  जो समाज के नाम पर बहुत बड़े ढोल बजाते है उनको पूछिए की सजातीय विवाह में कितनी लडकिया सुखी है  ६० प्रतिशत लडकियों को इज्जत के नाम पर ब्रेनवाश किया जाता है इज्जत का हवाला देकर लेकिन असीलियत में एक सौदा है समझौता है जिन्दगी भर का |

आज से २० साल बाद में जब कोई ऐसी घटना का जिक्र करेगा की एक अंतरजातीय विवाह के कारण उस लड़की के घर की दहलीज लक्ष्मण रेखा बन गयी तो लोगो को इस गुनाह पर दुःख होगा इसलिए पहले आप समाज में रहने वाले व्यक्ति की तरह न सोचिए बल्कि एक इन्सान की तरह महसूस कीजिये की वो भी एक इन्सान है , में भी एक इन्सान उसे भी दर्द होता है तो मेरा फर्ज बनता है की मेरी वजह से वो आबाद रहे और खुश रहे | बस मेरी एक भावुक अपील है की आप एक इन्सान है और इन्सान की छाया में इंसानियत आबाद रहती है ,फलती है फूलती है | समाज एक मुर्ख लोगो का समूह है जहाँ रुढिवादिता और खोखली मान्यताओ की जड़, जिसका काम सिर्फ समाज में इंसानियत का कत्ल करना  |

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