यादें अक्सर याद आती हैं,
कुछ कहे बिना ही बहुत कुछ कह जाती हैं।
रूबरू बीता हर एक पल हो जाता है,
करके मन याद पलों को कभी खुश तो कभी दुःखी हो जाता है।
कुछ खट्टी कुछ मीठी यादों का ज़कीरा सा खुल जाता है,
किसी पे गुस्सा तो किसी पर प्यार और उमड़ आता है।
करते ही याद पलों को हर चेहरा मुस्कुरा जाता है,
भागकर सबसे मिलने का ख्याल मन में आ जाता है।
पर कभी- कभी मन दुःखी देख आंखों में आंसू भर आता है,
कुछ लोगों से कभी ना मिल पाने का ग़म जब सताता है।
ना चाहते हुए भी हमें यादों से किनारा करना पड़ता है,
पुराने पलों को जीना अब सपना सा लगता है।
क्यूंकि यादों से अतीत तो ताज़ा हो जाता है,
पर सिर्फ यादों के सहारे ही कहां जीवन चल पाता है
Please like, Share and Comment. 😍😍😊😊
कुछ कहे बिना ही बहुत कुछ कह जाती हैं।
रूबरू बीता हर एक पल हो जाता है,
करके मन याद पलों को कभी खुश तो कभी दुःखी हो जाता है।
कुछ खट्टी कुछ मीठी यादों का ज़कीरा सा खुल जाता है,
किसी पे गुस्सा तो किसी पर प्यार और उमड़ आता है।
करते ही याद पलों को हर चेहरा मुस्कुरा जाता है,
भागकर सबसे मिलने का ख्याल मन में आ जाता है।
पर कभी- कभी मन दुःखी देख आंखों में आंसू भर आता है,
कुछ लोगों से कभी ना मिल पाने का ग़म जब सताता है।
ना चाहते हुए भी हमें यादों से किनारा करना पड़ता है,
पुराने पलों को जीना अब सपना सा लगता है।
क्यूंकि यादों से अतीत तो ताज़ा हो जाता है,
पर सिर्फ यादों के सहारे ही कहां जीवन चल पाता है
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आपकी कविता बहुत अच्छी लगी , आप इसी तरह अपनी कविताएँ यहाँ पोस्ट करते रहे !!
ReplyDeleteधन्यवाद अर्चना जी 😊😊
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