झोका हवा का, उल्लास है मन का
स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ वायु नितांत आवश्यक है,परंतु बढता वायुमण्डलीय प्रदूषण हमें धीरे धीरे अस्वस्थ कर रहा है।ये केवल बडे शहरों की समस्या नही बल्कि छोटे शहर भी इससें अछूते नहीं बढती वाहनों की संख्या इसका मुख्य कारण है |
पर आज भागदौड़ की जिदंगी मे वाहनों का प्रयोग आवश्यक हो गया है ,पर इसकी बहुत बडी कीमत हमें चुकानी पड रही हैं, हमारी आने वाली नस्ले भी इसकी कीमत चुकायेगी। यदि हम सब अब भी न सभँले तो।
मानव जाति आनेवाले वर्षो मे शुद्ध हवा के झोकों के लिए तरसती नजर आयेगी |
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