26 अगस्त 2018 रक्षाबंधन- बहने पूजा की थाली में रखें ये 7 चीजे तभी पूरा होगा रक्षाबंधन

राखी के त्यौहार पर अन्य त्योहारों की तरह ज्यादा रस्में तो नही की जाती लेकिन कुछ वैदिक तरीके अपनाएं जाएँ, इस बात का ध्यान अवश्य देना चाहिए कि राखी बांधते समय पूजा की थाली से संबंधित कुछ नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए।

रक्षाबंधन के दिन बहन द्वारा पूजा की थाली में कौन कौन सी वस्तुएं होनी चाहिए और ये वस्तुएं क्यों जरुरी हैं...


कुमकुम- 

यानि रोली, हिन्दू धर्म में मान्यता है कि किसी भी काम की शुरुआत कुमकुम या रोली का तिलक लगाकर करनी चाहिए, ऐसा करने से वो कार्य सफल होता है, तिलक मान-सम्मान का प्रतीक है, बहन तिलक लगाकर भाई के प्रति सम्मान प्रकट करती है, भाई के माथे पर तिलक लगाते हुए बहन भाई की लंबी उम्र की कामना भी करती है इसलिए पूजा की थाली में कुमकुम रखना न भूलें।

चावल (अक्षत)-  

आप जानते होंगे कि तिलक लगाते समय चावल लगाना भी अनिवार्य होता है, चावल को अक्षत कहा जाता है अक्षत यानि जो अधूरा न हो, इसलिए तिलक के ऊपर चावल लगाने का भाव है, भाई के जीवन पर तिलक का शुभ असर हमेशा बना रहे, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चावल शुक्र ग्रह से सबंधित है, शुक्र ग्रह के प्रभाव से ही जीवन में भौतिक सुख सुविधाओं की प्राप्ति होती है इसलिए पूजा की थाली में चावल अवश्य रखें।

नारियल-  

यह एक ऐसी वस्तु है जो आजकल सभी बहनें थाली में रखना भूल जाती हैं, दरअसल वैदिक परम्परा के अनुसार कुमकुम चावल का तिलक करने के बाद बहन भाई को नारियल देती है, नारियल को श्री फल भी कहा जाता है जो देवी लक्ष्मी का फल है, यह फल देते हुए बहन ये कामना करती है कि उसके भाई के जीवन में सुख और समृद्धि हमेशा बनी रहे और भाई लगातार उन्नति करता रहे।

रक्षासूत्र-  

अब बारी आती है राखी बांधने की, कहा जाता है कि रक्षासूत्र बांधने से त्रिदोष शांत होते हैं, हमारे शरीर में कोई भी बीमारी ये त्रिदोषों से ही ही संबंधित होती है, रक्षासूत्र कलाई में बांधने से त्रिदोषों का संतुलन बना रहता है, इसका वैज्ञानिक रूप से भी एक कारण है कि रक्षासूत्र कलाई पर बाँधने से नशों पर दबाव बना रहता है जिससे त्रिदोष नियंत्रित रहते हैं

मिठाई-  

ये रस्म आज के दौर में सभी बहनें निभाती हैं, राखी बांधने के बाद बहनें अपने भाई को कुछ मीठा खिलाती हैं लेकिन यह मिठाई क्यों खिलाई जाती है इसके पीछे भी एक मान्यता है जिसके अनुसार जब बहनें राखी बांधने के बाद अपने भाई को मिठाई खिलाकर उसका मुंह मीठा कराती हैं तो इससे दोनों के रिश्ते में मिठास भरती है, मिठाई खिलाते समय बहन यह कामना करती हैं कि दोनों के रिश्ते में कभी कड़वाहट न आये।

पानी से भरा कलश- 

पानी से भरा कलश थाली में होना बहुत आवश्यक है, यह कलश पारंपरिक रिवाज के अनुसार तांबे का ही होना चाहिए और इसी कलश के जल को रोली में मिलाकर तिलक लगाया जाता है, हिन्दू धर्म में प्रसिद्ध मान्यता के अनुसार इसी कलश में सभी पवित्र तीर्थों और देवी देवताओं का वास होता है, इस कलश के प्रभाव से भाई बहन के बीच सुख और स्नेह हमेशा बना रहता है।

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